मुशायरा::: नॉन-स्टॉप

Thursday, April 11, 2013

मेरे क़त्ल पे आप भी चुप है, अगला नम्बर आपका है



जलते घर को देखने वालों, फूस का छप्पर आपका है,
आपके पीछे तेज़ हवा है, आगे मुकद्दर आपका है !

उस के क़त्ल पे मैं भी चुप था, मेरा नम्बर अब आया,
मेरे क़त्ल पे आप भी चुप है, अगला नम्बर आपका है !!.

~नवाज़ देवबन्दी

4 comments:

Ashok Khachar said...

nvaz bhai ka jvab hi nhi waaaaaah waaaah or aapka bhi shukhriya kya chun ke laye hai waaaah

Aziz Jaunpuri said...

है गुज़ारिश आप से खंज़र उठाईये ,बस बात अज़ीज़ मान जाईये ,उठा कर हाथ में खंज़र कातिल पे आजमाईये ,

तुषार राज रस्तोगी said...

वाह! बहुत खूब | अत्यंत सुन्दर रचना | नववर्ष की हार्दिक शुभकामनायें |

कभी यहाँ भी पधारें और लेखन भाने पर अनुसरण अथवा टिपण्णी के रूप में स्नेह प्रकट करने की कृपा करें |
Tamasha-E-Zindagi
Tamashaezindagi FB Page

Abhimanyu Bhardwaj said...

बहुत खूब, बहुत सुन्‍दर,अत्‍यन्‍त सुन्‍दर रचना।
हिन्‍दी तकनीकी क्षेत्र कुछ नया और रोचक पढने और जानने की इच्‍छा है तो इसे एक बार अवश्‍य देखें,
लेख पसंद आने पर टिप्‍प्‍णी द्वारा अपनी बहुमूल्‍य राय से अवगत करायें, अनुसरण कर सहयोग भी प्रदान करें
MY BIG GUIDE