मुशायरा::: नॉन-स्टॉप

Monday, January 21, 2013

अल्लाह दुआ हम सबकी है बस एक करकरे पैदा कर


आज गृह मंत्री शिंदे साहब के बयान शहीद करकरे साहिब की याद आ गयी! इमरान प्रतापगढ़ी साहिब की मशहूर नज़्म गौर करे :-

मज़हब की ठेकेदारी से ,नफरत की पैरोकारी से ,
जो दूर रहें मज़हब और धर्मों की हर रिश्तेदारी से ,
"कामते साहब" "सालसकर" से कुछ नए सरफिरे पैदा कर ,
अल्लाह दुआ हम सबकी है एक और "करकरे" पैदा कर ,
जो समझ सके कि दहशत का एक और चेहरा होता है ,
अफ़सोस मगर एक "ख़ास कौम" के सर पर सेहरा होता है ,
जिसकी खातिर दहशतगर्दी का मतलब दहशतगर्दी हो ,
जिसे किसी न जात न किसी कौम से कोई भी हमदर्दी हो ,
नफरत की परिभाषा बदले ,कुछ नए दायरे पैदा कर ,
अल्लाह दुआ हम सबकी है एक और करकरे .................
जिसकी क़ुरबानी भारत में हम सदियों सदियों याद करे ,
जिसकी इंसाफ परस्ती को हम गलियों गलियों याद करे ,
मौला हम सब होंठो पर मासूम दुआएं बची रहे ,
कविता (करकरे ) जैसी हिंदुस्तान में लाखों माएं बची रहें ,
मोदी ,कसाब ,न तोगड़िया ,न कोई ठाकरे पैदा कर ,
अल्लाह दुआ हम सबकी है बस एक करकरे पैदा कर !

हिंदुस्तान जिंदाबाद !

2 comments:

Neetu Singhal said...

सियासतदान मुल्क से पहले तो अपनी जबान संभाले.....

shyam gupta said...

बकवास कथन ..

--- यही तो फितरत है इन मुल्लाओं की सभी एक ही थैली के चट्टे-बट्टे हैं ..कि
मोदी ,कसाब ,न तोगड़िया ,न कोई ठाकरे पैदा कर...
----हाँ ओबेस्सी जुरूर पैदा कर ..इसे मोदी , ठाकरे , तोगड़िया ...कसाब के समकक्ष लगते हैं...