मुशायरा::: नॉन-स्टॉप

Sunday, August 26, 2012

तुम मुझको क्या दे पाओगे?


तुम मुझको क्या दे पाओगे?


Women Revolutionaries
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तुम भूले सीता सावित्री ,क्या याद मुझे रख पाओगे ,
खुद तहीदस्त हो इस जग में तुम मुझको क्या दे पाओगे?

मेरे हाथों में पल बढ़कर इस देह को तुमने धारा है ,
मन में सोचो क्या ये ताक़त ताजिंदगी भी तुम पाओगे ?

संग चलकर बनकर हमसफ़र हर मोड़ पे साथ निभाया है ,
क्या रख गुरूर से दूरी तुम ताज़ीम मुझे दे पाओगे ?

कनीज़ समझ औरत को तुम खिदमत को फ़र्ज़ बताते हो,
उस शबो-रोज़ क़ुरबानी का क्या क़र्ज़ अदा कर पाओगे?

फ़ितरत ये औरत की ही है दे देती माफ़ी बार बार ,
क्या उसकी इस इनायत का इकबाल कभी कर पाओगे?

शहकार है नारी खिलक़त की ''शालिनी ''झुककर करे सलाम ,
इजमालन सुनलो इबरत ये कि खाक भी न कर पाओगे.


शब्दार्थ :तहीदस्त-खाली हाथ ,इनायत- कृपा ,ताजिंदगी -आजीवन 
ताज़ीम -दूसरे को बड़ा समझना ,आदर भाव ,सलाम 
कनीज़ -दासी ,इजमालन -संक्षेप में ,इबरत -चेतावनी ,
इकबाल -कबूल करना ,शहकार -सर्वोत्कृष्ट कृति ,
खिलक़त-सृष्टि 
      
                    शालिनी कौशिक 
                                  [कौशल ]

7 comments:

शिखा कौशिक 'नूतन ' said...

bahut sarthak vicharon ko prakat kiya hai aapne .badhai WORLD WOMAN BLOGGERS ASSOCIATION-JOIN THIS NOW

कविता रावत said...

badiya saarthak prastuti..

Virendra Kumar Sharma said...

बेशक शाहकार है नारी खिलकत की -रोशन तुम्ही से दुनिया ,रौनक तुम्ही जहां की ,......नारी ही चलाए है इस कायनात को होमोसेपीयंज की नस्ल को ,प्रजनन चक्र को ,जिसे enucleation और cloning के ज़रिए सिर्फ नारियां भी चलाए रह सकतीं हैं .पुरुष को बे -दखल किया जा सकता है इस प्रजनन चक्र से .पेशीय बल (पशु बल )के अलावा पुरुष में और है क्या हर वक्त उसे नारी की कोमलता चाहिए ,अधिक सर्दी गर्मी सहने प्रसव पीड़ा झेलने का माद्दा भी कुदरत ने औरत को दिया है ..मर्द को नहीं पगला जाता है वह औरत के बिना . .कृपया यहाँ भी पधारें -

सोमवार, 27 अगस्त 2012
अतिशय रीढ़ वक्रता (Scoliosis) का भी समाधान है काइरोप्रेक्टिक चिकित्सा प्रणाली में
http://veerubhai1947.blogspot.com/

DR. ANWER JAMAL said...

कोई कुछ दे पाए या न दे पाए.
हम आपको दाद ज़रूर देंगे इस बढ़िया जज़्बे के लिए.

वाह .

शालिनी कौशिक said...

shikha ji,kavita ji ,veerubhai ji,dr.sahab aap sabhi ka utsah vardhan hetu aabhar.

yashoda agrawal said...

आपकी यह बेहतरीन रचना शनिवार 01/09/2012 को http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जाएगी. कृपया अवलोकन करे एवं आपके सुझावों को अंकित करें, लिंक में आपका स्वागत है . धन्यवाद!

Madan Mohan Saxena said...

बहुत शानदार ग़ज़ल शानदार भावसंयोजन हर शेर बढ़िया है आपको बहुत बधाई