मुशायरा::: नॉन-स्टॉप

Sunday, October 16, 2011

"निरंतर" की कलम से.....: माना की तुमने जिद ठान ली

"निरंतर" की कलम से.....: माना की तुमने जिद ठान ली: माना की तुमने जिद ठान ली हाँ नहीं भरने की कसम खा ली मेरी दुआओं की तासीर भी कम नहीं बड़ी शिद्दत से खुदा से माँगी है निरंतर ईमान स...

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