मुशायरा::: नॉन-स्टॉप

Saturday, September 10, 2011

                      कविता क्यों .....एक... श्याम सवैया  छंद ..

कविता क्यों भला करता है कवि, यूं जाग जाग कर रातों को |
कहता वह जीवन के अनुभव अपने मन की मधु यादों को |
जीवन के सत्य व शास्त्र सत्य,मानव व्यवहार की बातों को |
रखता जन मन के सम्मुख वह कुछ यथा तथ्य संवादों को |
सब जन हिताय, बहु जन हिताय लोकाचारी अनुनादों को |
हो राष्ट्र समाज देश उन्नत ,इस सोच में जागता रातों को ||

3 comments:

sushma 'आहुति' said...

बहुत ही खुबसूरत अभिवयक्ति....

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

यह सवैय्या है?

डा. श्याम गुप्त said...

----हाँ, यह श्याम-सवैया छंद है...जो मेरे द्वारा रचित छंद है...यह ६ पंक्तियों का सवैया छंद है|

आप भी ट्राई करिये ....