मुशायरा::: नॉन-स्टॉप

Tuesday, August 16, 2011

भारत की हर बात निराली....ड़ा श्याम गुप्त....






 पर  भा की बात निराली 

सारा जग सुंदर अति सुंदर,
पर भारत की बात निराली |
गूंजे  प्रेम-प्रीति की भाषा ,
 वन उपवन तरु डाली डाली |
मेरे देश की बात निराली,
भारत की हर बात निराली ||



गली गली है गीत यहाँ की ,
गाँव शहर संगीत की थिरकन |
पगडंडी सी   नीति -कथाएं ,
हाट डगर मग प्रीति की धडकन |
नदी नहर जल मधु की प्याली , 
पथ पथ सत् की कथा निराली |

प्रेम की भाषा डाली डाली .
इस भारत की बात निराली ||

अपने अपने नियम धर्म सब,
अपने अपने ब्रह्म ईश सब |
अपनी अपनी कला कथाएं ,
अपनी अपनी रीति व्यथाएँ |
अलग अलग रंग प्रीति निराली ,
भिन्न भिन्न हर ड़ाली डाली |

एक तना जड़ एक निराली,
इस भारत की बात निराली ||

कर्म के साथ धर्म की भाषा ,
अर्थ औं काम मोक्ष अभिलाषा |
जीवन की गतिमय परिभाषा |
विविधि धर्म मत जाति के बासी ,
बहु विचार बहु शास्त्र कथा सी |
भोर-सांध्य की प्रेम-व्यथा  सी |

बहुरंगी संस्कृति की थाली,
प्रेम की भाषा डाली डाली ||

गीता स्मृति वेद उपनिषद ,
गूढ़  कथाएं ये पुराण सब |
विविधि शास्त्र इतिहास सुहाना,
 कालिदास प्रभृत्ति विद्वाना |
सुर  भूसुर  भूदेव  महीसुर,
नर-नारायण, संत कवीश्वर |

प्रथम भोर ऊषा की लाली ,
प्रिय भारत की छटा निराली ||

7 comments:

जयकृष्ण राय तुषार said...

सुंदर प्रस्तुति बधाई

जयकृष्ण राय तुषार said...

सुंदर प्रस्तुति बधाई

डा श्याम गुप्त said...

धन्यवाद तुषार जी...आपके ब्लॉग पर सुंदर रचनाएँ देखीं ....स्वागत है....

DR. ANWER JAMAL said...

Nice post .

शिखा कौशिक said...

.सार्थक प्रस्तुति .आभार

blog paheli no.1

Shalini kaushik said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति.आपके देश प्रेम की भावना सभी पंक्तियों में बहुत भावपूर्ण रूप से अभिव्यक्त हो रही है डॉ.श्याम जी.शुभकामनायें स्वतंत्रता दिवस की


वह दिन खुदा करे कि तुझे आजमायें हम

डा श्याम गुप्त said...

धन्यवाद शिखा जी व शालिनी जी..व जमाल साहब...