मुशायरा::: नॉन-स्टॉप

Tuesday, June 28, 2011

वो जैसे भंवर में फंसा कर गए.

ज़रा आये ठहरे चले फिर गए,
     हमारे दिलों में जगह कर गए.
न कह पाए मन की  न सुन पाए उनकी ,
   बस देखते आना जाना रह गए.

बिछाए हुए थे उनकी राहों में पलकें,
   नयन भी हमारे खुले रह गए.
न रुकना था उनको नहीं था ठहरना ,
  फिर आयेंगे कहकर चले वो गए.

न मिलने की चाहत न रुकने की हसरत,
   फिर आने का वादा क्यों कर गए.
हमें लौट कर फिर जीना था वैसे ,
   वो जैसे भंवर में फंसा कर गए.
         शालिनी कौशिक 

11 comments:

DR. ANWER JAMAL said...

नाक़द्रा कहीं का भंवर में छोड़ गया
बीच पानी में जलता छोड़ गया

नज़र आप इधर उधर घुमाइये तो
आप जैसे और कितने छोड़ गया

मायूस न हो नयन उठा हाथ बढ़ा
एक गया , और बहुत छोड़ गया

बेमुरव्वत बेवफ़ा का ज़िक्र फ़ुज़ूल है
एक तजर्बा ये हक़ीक़त छोड़ गया
अच्छी रचना !

मायूसी के अंधेरों में उम्मीद की रौशनी फैलाना ही हमारा मिशन है ।

(एक बाइट म्यूज़िक की , बिल्कुल फ़िल्मी स्टाइल में . deng deng da da da da deng.)

शिखा कौशिक said...

वाह ! बहुत खूब , मुकर्रर इरशाद. सुबहानल्लाह.

अरूण साथी said...

अति सुन्दर

डा. श्याम गुप्त said...

--खूबसूरत गज़ल....कया खूब...

आये भी वो,बैठे भी वो,उठकर भी चल दिए,
मैं जा ही ढूँढता तेरी महफ़िल में रह गया ||

सलीम ख़ान said...

न मिलने की चाहत न रुकने की हसरत,
फिर आने का वादा क्यों कर गए.
हमें लौट कर फिर जीना था वैसे ,
वो जैसे भंवर में फंसा कर गए.

सलीम ख़ान said...

इन्सान किसी से मुहब्बत करता है,
अपनी आरज़ू का इज़हार भी करता है,
उस इज़हार का इक़रार भी होता है,
वक़्त के परों पर मुहब्बत जवान होती है......
मगर ये क्या......

मुहब्बत का जब परवान होना चाहिए, उरूज़ होना चाहिए,
उस वक़्त वो आपका साथ छोड़ देता है......

तनहा और अकेला

WHY???????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????

सलीम ख़ान said...

great rachna

नीरज गोस्वामी said...

खूबसूरत चित्रों से सजी शानदार रचना...बधाई स्वीकारें

नीरज

शालिनी कौशिक said...

dr.anwar jamal ji,shikha ji,dr.shyam ji,arun sathi ji,saleem khan ji,neeraj goswami ji meri sadharan see abhivyakti ko aap sabhi ne milkar saraha aur ise bahut uncha auhda diya iske liye main aap sabhi ki bahut bahut shukrguzar hoon.aabhar

sushma 'आहुति' said...

behtreen aur khubsurat abhivakti...

शालिनी कौशिक said...

thanks sushma ji