मुशायरा::: नॉन-स्टॉप

Sunday, June 12, 2011

हसीन मौत मक़सद है आरिफ़ाने हक़ का

Dr. Anwer Jamal Khan
गर हसीं मौत की हसरत न निकाली जाए
ज़िंदगी कौन सी फ़हरिस्त में डाली जाए
-आचार्य मौलाना शम्स नवेद उस्मानी

आरिफ़ाने हक़-सत्य की हक़ीक़त जानने वाले
फ़हरिस्त-सूची

3 comments:

शालिनी कौशिक said...

vah vah bahut khoob

Vivek Jain said...

गर हसीं मौत की हसरत न निकाली जाए
ज़िंदगी कौन सी फ़हरिस्त में डाली जाए
वाह,
विवेक जैन vivj2000.blogspot.com

डा. श्याम गुप्त said...

क्या बात है...सुन्दर....