मुशायरा::: नॉन-स्टॉप

Friday, June 17, 2011

विश्व शान्ति के लिए वेदों का सन्देश...नज़्म......डा श्याम गुप्त....

"सब को मिले अम्नो-चैन भरपूर  |
सभी  रहें  बुराई   से सदा  दूर  |
दुःखो-गम  न छुएं किसी को कभी-
सब को हो, सबसे  नेकियों  का सुरूर ||   "   

                      ( ऋग्वेद में  सर्वें सुखिना सन्तु.... मन्त्र  द्वारा , जो विश्व के प्रत्येक व्यक्ति द्वारा , प्रत्येक व्यक्ति के प्रति, सुख, शान्ति की प्रार्थना की गयी है वह सार्वजनीन व सार्वकालिक है एवं आज भी दुनिया के सभी दुःख-द्वंद्वों की समाप्ति के हित , विश्व व मानवता के लिए आदर्श व अनुकरणीय है....|)

4 comments:

prerna argal said...

bahut hi achche bhav liye saarthak najm.badhaai sweekaren

शालिनी कौशिक said...

anukarniy v sangrahniy.

शिखा कौशिक said...

bahut sundar .aabhar

डा. श्याम गुप्त said...

धन्यवाद ..प्रेरणा जी ...शालिनी व शिखा जी -----कहाँ हैं वो सेकूलरिष्ट ...