मुशायरा::: नॉन-स्टॉप

Tuesday, April 19, 2011

मौसम के रंग

आज बरहम है हमसे क्योँ इतना
कल हमारा बना था हमदम भी
पल में सर्दी है पल में गर्मी है
क्या सियासतज़दा है मौसम भी

-असद रज़ा, asadrnaqvi@yahoo.co.in

बरहम-नाराज़

5 comments:

शिखा कौशिक said...

bahut khoob,vah...

शालिनी कौशिक said...

vah.

डा. श्याम गुप्त said...

क्या बात है..क्या बात है...बहुत खूब..

DR. ANWER JAMAL said...

@ गुप्ता जी ! आज तो आपने सभी रचनाओं पर कमेँट दे डाले जनाब और आपकी उर्दू भी अच्छी है , शुद्ध है ।
शुक्रिया ।

shanno said...

वाकई में मौसम पे कोई जोर नहीं...