मुशायरा::: नॉन-स्टॉप

Friday, April 15, 2011

अब आप मुशायरा देख सकते हैं ब्लॉगप्रहरी पर - Anwer Jamal

बाक़ी हैं कुछ सज़ाएं सज़ाओं के बाद भी
हम वफ़ा कर रहे हैं उनकी जफ़ाओं के बाद भी
-अनवर जमाल

नोट :- अब आप मुशायरा देख सकते हैं ब्लॉगप्रहरी पर।

2 comments:

shanno said...

bahut khoobsurat sher...

DR. ANWER JAMAL said...

@ शन्नो जी ! क्या आप इस मुशायेरे में हिस्सा लेना चाहेंगी ?
कृपया आप अपनी ईमेल आईडी भेज दीजिये और फिर हमारे निमंत्रण को स्वीकार कर लीजियेगा .